केंद्र ने कहा- केरल में निपाह वायरस से दो मौतें


दो मौतों के बाद, केंद्र सरकार ने केरल की मदद के लिए एक टीम भेजने का एक्शन लिया है, और विजयन सरकार ने एक अलर्ट जारी किया है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को घोषणा की कि केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस के कारण दो व्यक्तियों की मौत हो गई है। मांडविया ने यह भी बताया कि इस स्थिति का पूरी तरह से मूल्यांकन किया जा रहा है और निपाह वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने में राज्य सरकार को सहायता के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक टीम भेजी गई है।

केरल सरकार ने कोझिकोड जिले में दो असामान्य मौतों के बाद पांच नमूने जांच के लिए पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान को भेजा है, ताकि यह जांचा जा सके कि क्या इन मौतों का कारण निपाह वायरस है या नहीं। केरल स्वास्थ्य विभाग ने दो व्यक्तियों की मौत के बाद सोमवार को कोझिकोड जिले में निपाह वायरस के संदर्भ में जिला स्तरीय चेतावनी जारी की है।

Nipah Virous
Nipah



कोझिकोड में बनेगा कंट्रोल रूम


निपाह वायरस के संदर्भ में जांच के लिए भेजे गए नमूनों में से एक मौके पर मृत्यु होने वाले व्यक्ति का और चार उसके संबंधियों के हैं। इसके बीच, केरल सरकार ने मंगलवार को कोझिकोड में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है और लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है, ताकि सुरक्षित रूप से बचाव की जा सके।

कोझिकोड में अलर्ट जारी किया गया


राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को फेसबुक पोस्ट में अभिवादन किया और यह जानकारी दी कि सरकार दो व्यक्तियों की मौत को गंभीरता से देख रही है, और स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों का कारण निपाह वायरस संक्रमण के संदेह के चलते जिले में एक अलर्ट जारी किया है।

मृतक के रिश्तेदारों का इलाज जारी


राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने जिले में एक दौरे की अद्भुत अवस्था के आकलन के लिए उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया और मीडिया को यह सूचित किया कि सरकार सभी संरक्षण कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पहली मौत एक निजी अस्पताल में हुई थी और मृतक के भाई, बच्चों, और उसके रिश्तेदार बुखार से पीड़ित होने के कारण इलाज करवाया जा रहा है।

2018 और 2021 में भी कोझिकोड में मिले थे निपाह वायरस


मंत्री ने बताया कि अस्पताल में कई लोग आए थे और अब वह संख्या बढ़ रही है, और इसलिए मृतक व्यक्ति और उसके परिजनों के संपर्क में आए लोगों की पहचान की कोशिश जारी है। कोझिकोड जिले में पहले भी 2018 और 2021 में निपाह वायरस से मौत के मामले दर्ज हुए हैं। दक्षिण भारत में, निपाह वायरस का पहला मामला 19 मई 2018 को कोझिकोड में रिपोर्ट हुआ था।

25 साल पहले मलेशिया में मिला था निपाह वायरस
WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मुताबिक, 1998 में मलेशिया के सुंगई निपाह गांव में पहली बार निपाह वायरस का पता चला था। इसी गांव के नाम पर ही इसका नाम निपाह पड़ा। तब सुअर पालने वाले किसान इस वायरस से संक्रमित मिले थे। मलेशिया मामले की रिपोर्ट के मुताबिक, पालतू जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली, बकरी, घोड़े से भी इंफेक्शन फैलने के मामले सामने आए थे।

मलेशिया में निपाह सामने आने के बाद उसी साल इस वायरस का पता सिंगापुर में भी चला था। इसके बाद 2001 में बांग्लादेश में भी इस वायरस से संक्रमित मरीज मिले। कुछ वक्त बाद बांग्लादेश से जुड़ी भारतीय सीमा के आसपास भी निपाह वायरस के मरीज मिलने लगे।



निपाह वायरस के लक्षण



एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निपाह वायरस सिर्फ जानवरों से नहीं, बल्कि एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैलता है। WHO की मानें तो निपाह वायरस से संक्रमित होने वाले मरीजों में वायरल फीवर होने के साथ सिरदर्द, उल्टी जैसा लगना, सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आने जैसे लक्षण दिखते हैं। अगर ये लक्षण 1-2 हफ्ते तक रहते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें।


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